पर्यावरण के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाएगी राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद : डॉ. मनाली क्षीरसागर

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सक्षम भारतीय वार्ता
नागपुर : विकासार्थ विद्यार्थी एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि (PSG) के संयुक्त तत्वाधान में नागपुर के विधान भवन में 14 फरवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद का उद्घाटन सत्र संपन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने उद्घाटन किया।

इस पर्यावरण संसद में देशभर के विश्वविद्यालयों से लगभग 200 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। उद्घाटन समारोह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह- संगठन मंत्री श्री देवदत्त जोशी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक विकासार्थ विद्यार्थी की राष्ट्रीय संयोजक कु. पायल राय ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद 2026 भारत के युवाओं में हरित नेतृत्व और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने का एक परिवर्तनकारी प्रयास है। विकासार्थ विद्यार्थी द्वारा चलाए गए उपक्रमों में “स्क्रीन टाइम से ग्रीन टाइम” अभियान शामिल है, जिसके अंतर्गत युवाओं को डिजिटल समय कम कर प्रकृति के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित किया जाता है।

उद्घाटन सत्र में डॉ. मनाली क्षीरसागर ने कहा:

“राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करेगी। यह युवा संसद उन्हें पर्यावरण की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए संवाद, कार्य और पहलों में एकजुट करने का गतिशील मंच प्रदान करेगी।”

इस दो दिवसीय युवा संसद में सेमिनार, कार्यशालाएँ, पैनल चर्चाएँ और नीतिगत विषयों पर विचार-विमर्श आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विविध पृष्ठभूमि के युवाओं को शामिल कर समग्र और व्यावहारिक पर्यावरण समाधान विकसित करना है।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री देवदत्त जोशी ने कहा कि विकासार्थ विद्यार्थी गतिविधियाँ सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ पांच ‘ज’ — जल, जन, जंगल, जमीन और जानवर — पर कार्य करके युवाओं में पर्यावरण संरक्षण की भावना पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा समाज में इस तरह की जागरूकता आएगी, तभी समाज सही दिशा में और सतत विकास की ओर अग्रसर होगा।

14 फरवरी को उद्घाटन के साथ मॉक पार्लियामेंट का आयोजन हुआ, जबकि 15 फरवरी को दो प्रमुख सत्र आयोजित होंगे:

सत्र 1: भारत के पांच आयामी परिवर्तन और जलवायु शासन में पारिस्थितिक बुद्धिमत्ता का उपयोग।

सत्र 2: कॉप 30 में भारत और विश्व की भूमिका — भारतीय सभ्यतागत स्थिरता के मूल्यों के आधार पर वैश्विक जलवायु नेतृत्व।

इस अवसर पर नागपुर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य श्री वामन तुर्के, विकासार्थ विद्यार्थी की राष्ट्रीय संयोजक कु. पायल राय, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विदर्भ प्रांत अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत पर्वत, विदर्भ प्रांत मंत्री श्री देवाशीष गोतरकर और अन्य मान्यवर उपस्थित थे।

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