राजनीतिक नेताओं समेत विभिन्न संगठनों का बढ़ता समर्थन
सक्षम भारत वार्ता
नागपुर,ता.१० : ‘महात्मा ज्योतिबा फुले संशोधन व प्रशिक्षण संस्था’ (महाज्योती), नागपुर की ओर से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) शोधार्थी विद्यार्थियों के लिए दी जाने वाली ‘महात्मा ज्योतिबा फुले संशोधन अधिछात्रवृत्ति’ (MJPRF) 2026 की विज्ञप्ति में लगाई गई जांच शर्तों को लेकर विद्यार्थियों में रोष है। इन जांच शर्तों को तत्काल रद्द कर सभी पात्र विद्यार्थियों को न्याय देने की मांग को लेकर शोधार्थी विद्यार्थी कृति समिति, महाराष्ट्र के नेतृत्व में 9 सितंबर 2026 से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय भवन, नागपुर में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया गया है। शोध कार्य दीर्घकालीन, खर्चीला और कठिन होता है। पुस्तकें खरीदने, फील्ड विजिट, डेटा विश्लेषण और प्रयोगशाला आदि के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता शोधार्थियों के लिए फेलोशिप का महत्वपूर्ण आधार होती है। विद्यार्थियों का आरोप है कि महाज्योती की वर्ष 2025 की विज्ञप्ति में नवीन जांच शर्तें लागू किए जाने के कारण कई वर्षों से जारी शोध कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आंदोलन को अब राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न संगठनों की ओर से भी बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है। राजनीतिक व सामाजिक नेताओं ने दिया समर्थन
आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने अपनी मांगों का निवेदन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, छगन भुजबल, पंकजाताई मुंडे और विजय वडेट्टीवार को सौंपा है। इसके अलावा कई जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन जताया है।
आमदार रोहित (दादा) पवार ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों से चर्चा की और उनकी मांगों का निवेदन स्वीकार किया।
शैलेन्द्र तिवारी, अध्यक्ष, राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस- शरद पवार गुट ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर खुले तौर पर समर्थन दिया।
कैलास राऊत, राज्यमंत्री दर्जा, को कृति समिति की ओर से मांगों का निवेदन सौंपा गया। आमदार अभिजीत वंजारी और आमदार सुधाकर अडबाले ने प्रत्यक्ष मुलाकात कर निवेदन स्वीकार किया और विद्यार्थियों की आवाज उठाने का आश्वासन दिया। आमदार बंटी भांगडिया और अँड. अंजली सालवे ने भी विद्यार्थियों से संवाद कर निवेदन स्वीकार किया। ओबीसी महासंघ के सचिन राजुरकर और निलेश कोडे (युवा/विद्यार्थी अध्यक्ष) ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर ओबीसी शोधार्थी विद्यार्थियों के हक के लिए पूर्ण समर्थन दर्शाया। मिलिंद नारें, व्यवस्थापकीय संचालक, महाज्योती को प्रशासनिक स्तर पर उचित निर्णय लेने के लिए संस्था की ओर से निवेदन दिया गया है। शोधार्थी विद्यार्थियों की प्रमुख मांगें जांच की शर्तों में तत्काल शिथिलता दी जाए। फेलोशिप के लिए लागू 35 वर्ष की आयु सीमा तथा पदव्युत्तर पदवी (PG) में ‘बी+’ (B+) ग्रेड की शर्त को तत्काल शिथिल किया जाए। सभी पात्र विद्यार्थियों का सरसकट चयन किया जाए। नेट, सेट अथवा पेट (NET/SET/PET) उत्तीर्ण सभी पात्र शोधार्थी विद्यार्थियों का किसी भी जांच मानदंड अथवा कपाती के बिना सरसकट चयन किया जाए।
Author: श्रीकांत शहारे
पत्रकार

















